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अपनी आज़ादी के लिए आप कितना दूर जा सकते हैं?

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पिछले एक महीने से लगभग डेयरी उत्पाद लेना बंद कर चुका हूँ। यह नहीं जानता कि यह निर्णय मुझे आगे कहाँ तक ले जाएगा और भविष्य में इसका क्या रूप होगा , लेकिन फ़िलहाल की स्थिति यही है। यह कोई अचानक लिया गया निर्णय नहीं था। कई वर्षों से मन में कुछ जमा होता रहा था—कुछ सवाल , कुछ असहमतियाँ , कुछ ऐसी चीज़ें जिन्हें रोज़मर्रा की ज़िंदगी में देखते हुए भी शायद ठीक से देख नहीं पा रहा था। लेकिन किसी निर्णय तक पहुँचने के लिए जिस एक अनुभव की ज़रूरत होती है , वह अनुभव मुझे हांस सांडे की हाल ही में पढ़ी गई इस किताब से मिला - काला बछड़ा @ सफेद बर्फ   अगस्त में संभावना प्रकाशन से इसका हिंदी अनुवाद आया है। नॉर्वे के चर्चित लेखक हांस सांडे की कुछ किताबों से मेरा परिचय पहले भी रहा है। मेंढ़क , आ आओ अब रात , जब मैं लौटा तो घोड़ा जा चुका था , आर्किमिडीज़ और ब्रेड का स्लाइस , प्लम ट्री आदि किताबें हिंदी और अंग्रेज़ी में एकलव्य , भोपाल से प्रकाशित हुई हैं। मुझे व्यक्तिगत रूप से हांस सांडे का लेखन पसंद है। उनकी किताबों में बच्चों के लिए लिखे जाने के बावजूद दुनिया को देखने की एक ऐसी दृष्टि है , जो चीज़ों को उनके...